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Question
प्रेमी और उसकी राधा के माध्यम से गीत-अगीत की स्थिति को स्पष्ट कीजिए।
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Solution
साँझ होते ही प्रेमी जोश भरे स्वर में आल्हा का गायन कर अपने प्रेम की अभिव्यक्ति करता है। उसका यह प्रेम गीत बन जाता है। वहीं उस गीत को सुनकर उसकी राधा उसकी ओर खिंची चली आती है और भाव-विभोर हो उस गीत को सुनती है। उसके मन में भी प्रेम भरे गीत उमड़ते हैं, परंतु वह उन्हें स्वर नहीं दे पाती है। उसका प्रेम अगीत बनकर रह जाता है।
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