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प्रश्न
गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ विरचित कविता ‘गीत-अगीत’ में प्राकृतिक और मानवीय राग का सुंदर चित्रण है। कविता में तत्सम शब्दोंयुक्त खड़ी बोली का प्रयोग है जिसमें सरसता और लयात्मकता है। कविता में आए अनुप्रास, पुनरुक्ति प्रकाश और मानवीकरण अलंकार इसके सौंदर्य में वृद्धि करते हैं। भाषा इतनी चित्रात्मक है कि सारा दृश्य हमारी आँखों के सामने साकार हो उठता है। जगह-जगह वियोग एवं संयोग श्रृंगार रस घनीभूत हो उठा है।
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कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'माँग मत', 'कर शपथ', इन शब्दों का बार-बार प्रयोग कर कवि क्या कहना चाहता है?
कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?
कवि मनुष्य से क्या अपेक्षा करता है? ‘अग्नि पथ’ कविता के आधार पर लिखिए।
अग्नि पथ’ कविता थके-हारे निराश मन को उत्साह एवं प्रेरणा से भर देती है। स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
बैठा शुक उस घनी डाल पर
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
गूँज रहा शुक का स्वर वन में
महामारी अपना प्रचंड रूप किस प्रकार दिखा रही थी?
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
महामारी से सुखिया पर क्या प्रभाव पड़ा? इससे उसके पिता की दशा कैसी हो गई?
सुखिया के पिता को मंदिर में देखकर भक्तों ने क्या-क्या कहना शुरू कर दिया?
नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।
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राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
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राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
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ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
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जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
निम्नलिखित मुहावरों का प्रयोग वाक्यों में कीजिए −
(क) टुकड़े चबाना
(ख) पगड़ी उतारना
(ग) मुरीद होना
(घ) जान वारना
(ङ) तेग मारना
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
हमें अपना दुख दूसरों पर क्यों नहीं प्रकट करना चाहिए? अपने मन की व्यथा दूसरों से कहने पर उनका व्यवहार कैसा हो जाता है?
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
पानी के बिना सब सूना है अत: पानी अवश्य रखना चाहिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में भगवान और भक्त की जिन-जिन चीज़ों से तुलना की गई है, उनका उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै
पठित पद के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि रैदास की उनके प्रभु के साथ अटूट संबंध हैं।
कवि रैदास ने ‘हरिजीउ’ किसे कहा है? काव्यांश के आधार पर ‘हरिजीउ’ की विशेषताएँ लिखिए।
