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तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ? - Hindi Course - B

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प्रश्न

तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?

टीपा लिहा
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उत्तर

पेड़ की सघन डाल पर बैठा तोता वसंती किरणों के स्पर्श से पुलकित होकर गाने लगा। उसी पेड़ पर घोंसले में बैठी तोती (शुकी) अंडे से रही थी। तोते का गीत सुनकर तोती का हृदय प्रसन्न हो गया। उसके पंख फूल गए। शुकी के मन में भी प्रेम भरे गीत उमड़ने लगे, परंतु वह उन गीतों को मुखरित न कर सकी। ऐसे में उल्लसित शुकी के गीत अगीत बनकर रह गए।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 11 रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

संबंधित प्रश्‍न

‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।


जीवन संघर्षमय है, इससे घबराकर थमना नहीं चाहिए’ इससे संबंधित अन्य कवियों की कविताओं को एकत्र कर एक एलबम बनाइए।


सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए।


गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −

1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
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2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
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3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
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4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
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‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।


सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
हमें अपना दुख दूसरों पर क्यों नहीं प्रकट करना चाहिए? अपने मन की व्यथा दूसरों से कहने पर उनका व्यवहार कैसा हो जाता है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
 पानी गए न उबरै, मोती, मानुष, चून।


उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −

उदाहण : कोय − कोई , जे - जो

ज्यों

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कछु

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नहिं

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कोय

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धनि

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आखर

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जिय

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थोरे

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होय

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माखन

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तरवारि

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सींचिबो

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मूलहिं

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पिअत

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पिआसो

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बिगरी

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आवे

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सहाय

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ऊबरै

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बिनु

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बिथा

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अठिलैहैं

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परिजाय

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रहीम का मानना है कि व्यक्ति को अपनी पीड़ा छिपाकर रखनी चाहिए, ऐसा क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है? स्पष्ट कीजिए।


नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए:

ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै


जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?


रैदास द्वारा रचित ‘अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी’ को प्रतिपाद्य लिखिए।


कवि रैदास ने किन-किन संतों का उल्लेख अपने काव्य में किया है और क्यों?


कवि ने गरीब निवाजु किसे कहा है और क्यों ?


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