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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?
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उत्तर
कवि ने 'अग्नि पथ' का प्रयोग मानव जीवन में आने वाली कठिनाइयों के प्रतीक स्वरूप किया है। यह जीवन संघर्षमय है फिर भी इस पर सबको चलना ही पड़ता है और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कवि का मानना है कि यह जीवन कठिनाइयों, चुनौतियों और संकटों से भरा है।
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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
अपने पतझर के सपनों का
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अविश्रांत बरसा करके भी
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सुखिया को बाहर खेलते जाता देख उसके पिता की क्या दशा होती थी और क्यों?
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निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
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‘अवध नरेश’ कहकर किसकी ओर संकेत किया गया है? उन्हें चित्रकूट में शरण क्यों लेनी पड़ी?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
