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इस कविता का केन्द्रिय भाव अपने शब्दों में लिखिए।

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प्रश्न

इस कविता का केन्द्रिय भाव अपने शब्दों में लिखिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

इस कविता का केन्द्रिय भाव यह है कि छुआछूत मानवता के नाम पर कलंक है और इसे शीघ्र ही समाप्त किया जाए। जन्म के आधार पर किसी को अछूत मानना एक अपराध है। मंदिर जैसे पवित्र स्थानों पर अछूत होने पर किसी के प्रवेश पर रोक लगाना सर्वथा अनुचित है। कवि चाहता है कि इस प्रकार की सामाजिक विषमता का शीघ्र अंत हो। सभी को सामाजिक एवं धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त हो।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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