मराठी

इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकोंबिंबों को छाँटकर लिखिए: उदाहरण : अंधकार की छाया(i) _______________(ii) _______________(iii) _______________(iv) _______________(v) _______________

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकोंबिंबों को छाँटकर लिखिए:

उदाहरण : अंधकार की छाया
(i) _______________
(ii) _______________
(iii) _______________
(iv) _______________
(v) _______________

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

(i) निज कृश रव में
(ii) स्वर्ण-घनों में कब रवि डूबा
(iii) जलते से अंगारे
|(iv) विस्तीर्ण विशाल
(v) पतित-तारिणी पाप हारिणी

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 Class 9
पाठ 10 सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह
प्रश्न अभ्यास | Q 1.6 | पृष्ठ ९६

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?


‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।


एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?


गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −

1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________

2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________

3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________

4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए 
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं


महामारी अपना प्रचंड रूप किस प्रकार दिखा रही थी?


पिता सुखिया को कहाँ जाने से रोकता था और क्यों?


“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?


निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी


नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।

राज़ (रहस्य)

फ़न (कौशल)

राज (शासन)

फन (साँप का मुहँ)

ज़रा (थोड़ा)

फ़लक (आकाश)

जरा (बुढ़ापा)

फलक (लकड़ी का तख्ता)

ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।


नज़ीर अकबराबादी ने आदमी के चरित्र की विविधता को किस तरह उभारा है?’आदमी नामा’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।


‘रहिमन देखि बड़ेन को … दोहे में मनुष्य को क्या संदेश दिया गया है? इसके लिए उन्होंने किस उदाहरण का सहारा लिया है?


आज की परिस्थितियों में रहीम के दोहे कितने प्रासंगिक हैं? किन्हीं दो उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।


रहीम ने अपने दोहों में छोटी वस्तुओं का महत्त्व प्रतिपादित किया है। इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।


नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा


रैदास ने अपने ‘लाल’ की किन-किन विशेषताओं का उत्लेख किया है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×