मराठी

महामारी अपना प्रचंड रूप किस प्रकार दिखा रही थी? - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

महामारी अपना प्रचंड रूप किस प्रकार दिखा रही थी?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

बस्ती में महामारी दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही थी। यहाँ कई बच्चे इसका शिकार हो चुके थे। जिन माताओं के बच्चे अभी इसका शिकार हुए थे, उनका रो-रोकर बुरा हाल था। उनके गले से क्षीण आवाज़ निकल रही थी। उस क्षीण आवाज़ में हाहाकार मचाता उनका अपार दुख था। महामारी के इस प्रचंड रूप में चारों ओर करुण क्रंदन सुनाई दे रहा था।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 10 सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
“वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से क्या अभिप्राय है?


‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।


कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए 
अपने पतझर के सपनों का
मैं भी जग को गीत सुनाता


निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की


प्रकृति अपने विभिन्न क्रिया-कलापों से मनुष्य को प्रभावित करती है। ‘गीत-अगीत’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को किस रूप में पाया?


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए 
हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर


‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।


‘गीत-अगीत’ कविता का कथ्य स्पष्ट कीजिए।


पहले छंद में कवि की दृष्टि आदमी के किन-किन रूपों का बख़ान करती है? क्रम से लिखिए।


‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।


‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।


निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है
पानी के बिना सब सूना है अत: पानी अवश्य रखना चाहिए।


नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै


रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।


पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।


‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×