मराठी

कवि मनुष्य से क्या अपेक्षा करता है? ‘अग्नि पथ’ कविता के आधार पर लिखिए। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

कवि मनुष्य से क्या अपेक्षा करता है? ‘अग्नि पथ’ कविता के आधार पर लिखिए।

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

कवि मनुष्य से यह अपेक्षा करता है कि वह अपना लक्ष्य पाने के लिए सतत प्रयास करे और लक्ष्य पाए बिना रुकने का नाम न ले। लक्ष्य के पथ पर चलते हुए वह न थके और न रुके। इस पथ पर वह छाया या अन्य आरामदायी वस्तुओं की उपेक्षा करे तथा विघ्न-बाधाओं को देखकर साहस न खोए।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 12 हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?


इस कविता का मूलभाव क्या है? स्पष्ट कीजिए।


कवि ‘एक पत्र छाँह’ भी माँगने से मना करता है, ऐसा क्यों?


कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
नदी का किनारों से कुछ कहते हुए बह जाने पर गुलाब क्या सोच रहा है? इससे संबंधित पंक्तियों को लिखिए।


प्रेमी और उसकी राधा के माध्यम से गीत-अगीत की स्थिति को स्पष्ट कीजिए।


बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?


‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।


‘एक फूल की चाह’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।


आदमी किन स्थितियों में पीर बन जाता है?


‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
अवध नरेश को चित्रकूट क्यों जाना पड़ा?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।


उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −

उदाहण : कोय − कोई , जे - जो

ज्यों

_______________

कछु

_______________

नहिं

_______________

कोय

_______________

धनि

_______________

आखर

_______________

जिय

_______________

थोरे

_______________

होय

_______________

माखन

_______________

तरवारि

_______________

सींचिबो

_______________

मूलहिं

_______________

पिअत

_______________

पिआसो

_______________

बिगरी

_______________

आवे

_______________

सहाय

_______________

ऊबरै

_______________

बिनु

_______________

बिथा

_______________

अठिलैहैं

_______________

परिजाय

_______________

 

 

‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?


बिगरी बात क्यों नहीं बन पाती है? इसके लिए कवि ने क्या दृष्टांत दिया है?


रहीम का मानना है कि व्यक्ति को अपनी पीड़ा छिपाकर रखनी चाहिए, ऐसा क्यों?


नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा


रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×