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‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?

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प्रश्न

‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

‘मिले गाँठ परिजाय’ ऐसा रहीम ने ‘प्रेम संबंधों के बारे में कहा है, क्योंकि प्रेम संबंधों की डोर बड़ी नाजुक होती है। एक बार टूट जाने पर जब इसे जोड़ा जाता है तो मन में मलिनता और पिछली बातों की कड़वाहट होने के कारण एक गाँठ-सी बनी रहती है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: रहीम - दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 Class 9
पाठ 8 रहीम - दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

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भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।


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