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‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों? - Hindi Course - B

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प्रश्न

‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

‘मिले गाँठ परिजाय’ ऐसा रहीम ने ‘प्रेम संबंधों के बारे में कहा है, क्योंकि प्रेम संबंधों की डोर बड़ी नाजुक होती है। एक बार टूट जाने पर जब इसे जोड़ा जाता है तो मन में मलिनता और पिछली बातों की कड़वाहट होने के कारण एक गाँठ-सी बनी रहती है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: रहीम - दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 8 रहीम - दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?


‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।‘अग्नि पथ’ कविता में निहित संदेश अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

शुकी बैठ अंडे है सेती


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −

1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
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2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
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3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
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4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
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निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए 
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए 
हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर


सुखिया ने अपने पिता से देवी के प्रसाद का फूल क्यों माँगा?


सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?


'आदमी नामा' शीर्षक कविता के इन अंशो को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?


‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?


‘आदमी नामा’ कविता में आदमी की किन-किन अनुकरणीय एवं मानवीय प्रवृत्तियों का उल्लेख किया गया है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
 पानी गए न उबरै, मोती, मानुष, चून।


नीति संबंधी अन्य कवियों के दोहे/कविता एकत्र कीजिए और उन दोहों/कविताओं को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।


बिगरी बात क्यों नहीं बन पाती है? इसके लिए कवि ने क्या दृष्टांत दिया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में भगवान और भक्त की जिन-जिन चीज़ों से तुलना की गई है, उनका उल्लेख कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।


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ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै


पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।


रैदास को किसके नाम की रट लगी है? वह उस आदत को क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं?


‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?


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