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रहीम का मानना है कि व्यक्ति को अपनी पीड़ा छिपाकर रखनी चाहिए, ऐसा क्यों?

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प्रश्न

रहीम का मानना है कि व्यक्ति को अपनी पीड़ा छिपाकर रखनी चाहिए, ऐसा क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

रहीम का मानना है कि व्यक्ति को अपने मन की पीड़ा छिपाकर रखनी चाहिए, क्योंकि सहानुभूति और मदद पाने की अपेक्षा से हम अपनी पीड़ा दूसरों के सामने प्रकट तो कर देते हैं परंतु लोग हमारी मदद करने के बजाय हँसी उड़ाते हैं।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 8: रहीम - दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 Class 9
पाठ 8 रहीम - दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडंबना की ओर संकेत किया है?


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'माँग मत', 'कर शपथ', इन शब्दों का बार-बार प्रयोग कर कवि क्या कहना चाहता है?


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‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।


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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।


संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए 
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पहले छंद में कवि की दृष्टि आदमी के किन-किन रूपों का बख़ान करती है? क्रम से लिखिए।


चारों छंदों में कवि ने आदमी के सकारात्मक और नकारात्मक रूपों को परस्पर किन-किन रूपों में रखा है? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पढ़ते हैं आदमी ही कुरआन और नमाज़ यां
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‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?


निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।


नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी


भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।


जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?


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