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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

'एक पत्र छाह भी माँग मत' − पंक्ति का आशय है कि मनुष्य अपनी प्रकृति के अनुसार माँगने लगता है और अपनी परिस्थितियों से घबराकर दूसरों की सहायता माँगने लगता है। इससे उसका आत्मविश्वास कम होने लगता है। इसलिए अपनी कठिनाइयों का सामना स्वयं ही करना चाहिए। यदि थोड़ा भी आश्रय मिल जाए तो उसकी अवहेलना न करके धन्य मानना चाहिए।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १०५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9
पाठ 12 हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
प्रश्न अभ्यास | Q 1.3 | पृष्ठ १०५

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