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प्रश्न
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
हुई न क्यों में कडी गीत की
विधना यों मन में गुनती है
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उत्तर
संदर्भ : प्रस्तुत काव्यांश 'रामधारी सिंह दिनकर' द्वारा रचित 'गीत-अगीत' कविता से लिया गया है। इसमें कवि ने बताया कि एक प्रेमी जब संध्या के समय गीत गाता है तो उसका प्रभाव उसकी प्रेमिका पर पड़ता है। प्रेमी-प्रेमिका के माध्यम से कवि ने गीतों के महत्व को स्पष्ट किया है।
व्याख्या : जब संध्या के समय शुक गीत गाता है तो उसके गीत से मंत्रमुग्ध सी शुकी उसकी ओर खिचीं चली आती है और उसके मन में एक इच्छा जन्म लेने लगती है कि काश वह उस गीत को गा सकती वह भी उसकी कड़ी बन पाती।
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए −
तू न थमेगा कभी
तू न मुड़ेगा कभी
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प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
गाता शुक जब किरण बसंत
छूती अंग पर्ण से छनकर
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की
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नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।
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राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
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राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
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ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
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जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
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रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?
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पानी गए न उबरै, मोती, मानुष, चून।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
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ज्यों |
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कछु |
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नहिं |
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कोय |
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धनि |
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आखर |
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जिय |
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थोरे |
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होय |
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माखन |
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तरवारि |
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सींचिबो |
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मूलहिं |
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पिअत |
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पिआसो |
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बिगरी |
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आवे |
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सहाय |
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ऊबरै |
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बिनु |
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बिथा |
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अठिलैहैं |
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परिजाय |
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आज की परिस्थितियों में रहीम के दोहे कितने प्रासंगिक हैं? किन्हीं दो उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।
जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?
पठित पद के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि रैदास की उनके प्रभु के साथ अटूट संबंध हैं।
