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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −गाता शुक जब किरण बसंतछूती अंग पर्ण से छनकर - Hindi Course - B

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प्रश्न

संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए 
गाता शुक जब किरण बसंत
छूती अंग पर्ण से छनकर

टीपा लिहा
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उत्तर

संदर्भ : प्रस्तुत पंद्याश 'रामधारी सिंह दिनकर' द्वारा रचित 'गीत-अगीत' से लिया गया है। यहाँ कवि शुक तथा शुकी के प्रसंग के माध्यम से गीतों के महत्व को प्रस्तुत किया है।

व्याख्या : कवि के अनुसार शुक जब डाल पर बैठकर किरण बंसती का गीत गाता है तो शुकी पर उसकी स्वर लहरी का प्रभाव पड़ता है और उसमें सिरहन होने लगती। उसकी स्वर लहरी पत्तों से छन छन कर शुकी के अंगों में समा जाती है। अर्थात शुक का गीत शुकी को इतना आकर्षक लगता कि वह उसी में खो जाती थी।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ १०१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 11 रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत
प्रश्न अभ्यास | Q 2.2 | पृष्ठ १०१

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