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प्रश्न
रैदास द्वारा रचित ‘अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी’ को प्रतिपाद्य लिखिए।
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उत्तर
रैदास द्वारा रचित ‘अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी’ में अपने आराध्य के नाम की रट की आदत न छोड़ पाने के माध्यम से कवि ने अपनी अटूट एवं अनन्य भक्ति भावना प्रकट की है। इसके अलावा उसने चंदन-पानी, दीपक-बाती आदि अनेक उदाहरणों द्वारा उनका सान्निध्य पाने तथा अपने स्वामी के प्रति दास्य भक्ति की स्वीकारोक्ति की है।
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
पानी गए न उबरै, मोती, मानुष, चून।
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में कुछ शब्द अर्थ की दृष्टि से परस्पर संबद्ध हैं। ऐसे शब्दों को छाँटकर लिखिए- .
उदाहरण : दीपक बाती
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नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।
पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।
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‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
