Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
मनुष्य को प्रकृति किस रूप में आंदोलित करती है? अपने शब्दों में लिखिए।
Advertisements
उत्तर
मनुष्य को प्रकृति अनेक रूपों में आंदोलित करती है। मनुष्य का प्रकृति के साथ गहरा रिश्ता है। प्रकृति का आलंबन रूप उसे भाता है तो प्रकृति का उद्दीपन रूप उसके भावों को गतिमान बनाता है। प्रकृति उसे शिक्षक के रूप में सिखाती है। मनुष्य प्रकृति को देखकर बहुत खुश होता है। नदियाँ, झरने, वृक्ष, पशु-पक्षी, पर्वत आदि और उनके स्वर सभी कुछ अद्भुत और सुन्दर लगते हैं। मनुष्य उससे केवल खुश ही नहीं होता, उससे शिक्षा भी लेता है।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए −
चल रहा मनुष्य है
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ
जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?
सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
हुई न क्यों में कडी गीत की
विधना यों मन में गुनती है
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
गूँज रहा शुक का स्वर वन में
गीत-अगीत कविता में नदी को किस रूप में चित्रित किया गया है? इसका ज्ञान कैसे होता है?
‘गीत-अगीत’ कविता में अगीत का चित्रण कवि द्वारा किस तरह किया गया है, स्पष्ट कीजिए।
बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?
इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकोंबिंबों को छाँटकर लिखिए:
उदाहरण : अंधकार की छाया
(i) _______________
(ii) _______________
(iii) _______________
(iv) _______________
(v) _______________
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर
पिता सुखिया को कहाँ जाने से रोकता था और क्यों?
माता के भक्नों ने सुखिया के पिता के साथ कैसा व्यवहार किया?
'आदमी नामा' शीर्षक कविता के इन अंशो को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?
आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पढ़ते हैं आदमी ही कुरआन और नमाज़ यां
और आदमी ही उनकी चुराते हैं जूतियाँ
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?
रहीम ने अपने दोहों में छोटी वस्तुओं का महत्त्व प्रतिपादित किया है। इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में भगवान और भक्त की जिन-जिन चीज़ों से तुलना की गई है, उनका उल्लेख कीजिए।
