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कवि ‘एक पत्र छाँह’ भी माँगने से मना करता है, ऐसा क्यों?

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प्रश्न

कवि ‘एक पत्र छाँह’ भी माँगने से मना करता है, ऐसा क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

कवि एक पत्र छाँह भी माँगने से इसिलए मना करता है, क्योंकि संघर्षरत व्यक्ति को जब एक बार रास्ते में सुख मिलता है, तब उसका ध्यान संघर्ष के मार्ग से हट जाता है। ऐसा व्यक्ति संघर्ष से विमुख होकर सुखों का आदी बनकर रह जाता है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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पाठ 12: हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9
पाठ 12 हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
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पढ़ते हैं आदमी ही कुरआन और नमाज़ यां
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(क) टुकड़े चबाना
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(ग) मुरीद होना
(घ) जान वारना
(ङ) तेग मारना


आदमी किन स्थितियों में पीर बन जाता है?


‘आदमी नामा’ कविता व्यक्ति के स्वभाव के बारे में क्या अभिव्यक्त करती है?


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नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए:

ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै


रैदास को किसके नाम की रट लगी है? वह उस आदत को क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं?


‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?


कवि रैदास ने किन-किन संतों का उल्लेख अपने काव्य में किया है और क्यों?


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