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जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?

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प्रश्न

जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?

टीपा लिहा
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उत्तर

‘जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने यह कहना चाहा है कि जिस प्रकार रात भर चाँद को देखने के बाद भी चकोर के नेत्र अतृप्त रह जाते हैं, उसी प्रकार कवि रैदास के नैन भी निरंतर प्रभु को देखने के बाद भी प्यासे रह जाते हैं।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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पाठ 7: रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु … - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9
पाठ 7 रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु …
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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