Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?
Advertisements
उत्तर
रैदास अपने प्रभु के अनन्य भक्त हैं, जिन्हें अपने आराध्य को देखने से असीम खुशी मिलती है। कवि ने ऐसा इसलिए कहा है, क्योंकि जिस प्रकार वन में रहने वाला मोर आसमान में घिरे बादलों को देख प्रसन्न हो जाता है, उसी प्रकार कवि भी अपने आराध्य को देखकर प्रसन्न होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।
‘अग्नि पथ’ कविता को आप अपने जीवन के लिए कितनी उपयोगी मानते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंध की व्याख्या कीजिए।
सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए।
गीत-अगीत कविता में नदी को किस रूप में चित्रित किया गया है? इसका ज्ञान कैसे होता है?
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
‘आदमी नामा’ कविता व्यक्ति के स्वभाव के बारे में क्या अभिव्यक्त करती है?
नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
प्रेम का धागा टूटने पर पहले की भाँति क्यों नहीं हो पाता?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।
‘सुई की जगह तलवार काम नहीं आती’ तथा ‘बिन पानी सब सून’ इन विषयों पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
‘रहिमन देखि बड़ेन को … दोहे में मनुष्य को क्या संदेश दिया गया है? इसके लिए उन्होंने किस उदाहरण का सहारा लिया है?
‘अवध नरेश’ कहकर किसकी ओर संकेत किया गया है? उन्हें चित्रकूट में शरण क्यों लेनी पड़ी?
व्यक्ति को अपने पास संपत्ति क्यों बचाए रखना चाहिए? ऐसा कवि ने किसके उदाहरण द्वारा कहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है? स्पष्ट कीजिए।
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
