मराठी

मंदिर की भव्यता और सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

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प्रश्न

मंदिर की भव्यता और सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

देवी का विशाल मंदिर ऊँचे पर्वत की चोटी पर स्थित था। यह मंदिर बहुत बड़ा था। मंदिर की चोटी पर सुंदर सुनहरा कलश था जो सूर्य की किरणें पड़ने से कमल की तरह खिल उठता था। वहाँ का वातावरण धूप-दीप के कारण सुगंधित था। अंदर भक्तगण मधुर स्वर में देवी का गुणगान कर रहे थे।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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पाठ 10: सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 Class 9
पाठ 10 सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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उदाहरण : अंधकार की छाया
(i) _______________
(ii) _______________
(iii) _______________
(iv) _______________
(v) _______________


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पापी ने मंदिर में घुसकर
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टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।


उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −

उदाहण : कोय − कोई , जे - जो

ज्यों

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कछु

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नहिं

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कोय

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धनि

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आखर

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जिय

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थोरे

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होय

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माखन

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तरवारि

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सींचिबो

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मूलहिं

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पिअत

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पिआसो

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बिगरी

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आवे

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सहाय

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ऊबरै

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बिनु

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बिथा

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अठिलैहैं

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परिजाय

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रहीम ने मूल को सींचने की सीख किस संदर्भ में दी है और क्यों?


आज की परिस्थितियों में रहीम के दोहे कितने प्रासंगिक हैं? किन्हीं दो उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।


रहीम ने अपने दोहों में छोटी वस्तुओं का महत्त्व प्रतिपादित किया है। इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।


पठित दोहे के आधार पर बताइए कि आप तालाब के जल को श्रेष्ठ मानते हैं या सागर के जल को और क्यों?


जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?


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