Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?
Advertisements
उत्तर
रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य इसलिए कहा है क्योंकि उससे न जाने कितने लघु जीवों की प्यास बुझती है। कवि यह कहना चाहता है कि यदि छोटे लोग भी किसी के काम आते हैं तो वे भी महिमावान हैं। सागर की बड़ाई इसलिए नहीं की क्योंकि उसमें अथाह जल होने पर भी प्यास नहीं बुझती, इसमें परोपकार की भावना नहीं होती।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
इस कविता का मूलभाव क्या है? स्पष्ट कीजिए।
जीवन संघर्षमय है, इससे घबराकर थमना नहीं चाहिए’ इससे संबंधित अन्य कवियों की कविताओं को एकत्र कर एक एलबम बनाइए।
कवि मनुष्य से क्या अपेक्षा करता है? ‘अग्नि पथ’ कविता के आधार पर लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
देते स्वर यदि मुझे विधाता
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
शुकी बैठ अंडे है सेती
गीत-अगीत कविता में नदी को किस रूप में चित्रित किया गया है? इसका ज्ञान कैसे होता है?
तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?
सुखिया को बाहर खेलते जाता देख उसके पिता की क्या दशा होती थी और क्यों?
सुखिया के पिता को मंदिर में देखकर भक्तों ने क्या-क्या कहना शुरू कर दिया?
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?
नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?
‘आदमी नामा’ पाठ के आधार पर आदमी के उस रूप का वर्णन कीजिए जिसने आपको सर्वाधिक प्रभावित किया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
प्रेम का धागा टूटने पर पहले की भाँति क्यों नहीं हो पाता?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
|
ज्यों |
_______________ |
कछु |
_______________ |
|
नहिं |
_______________ |
कोय |
_______________ |
|
धनि |
_______________ |
आखर |
_______________ |
|
जिय |
_______________ |
थोरे |
_______________ |
|
होय |
_______________ |
माखन |
_______________ |
|
तरवारि |
_______________ |
सींचिबो |
_______________ |
|
मूलहिं |
_______________ |
पिअत |
_______________ |
|
पिआसो |
_______________ |
बिगरी |
_______________ |
|
आवे |
_______________ |
सहाय |
_______________ |
|
ऊबरै |
_______________ |
बिनु |
_______________ |
|
बिथा |
_______________ |
अठिलैहैं |
_______________ |
|
परिजाय |
_______________ |
|
कुछ मनुष्य पशुओं से भी हीन होते हैं। पठित दोहे के आधार पर हिरन के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै
‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?
