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प्रश्न
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।
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उत्तर
हर छोटी वस्तु का अपना अलग ही महत्व होता है। जिस प्रकार कपड़ा सिलने में तलवार जैसी बड़ी चीज़ भी मद्दगार नहीं होती है, वहाँ सूई की ही आवश्यक्ता पड़ती है, उसी प्रकार छोटा व्यक्ति जहाँ काम आ सकता है वहाँ बड़े व्यक्ति का कोई महत्व नहीं होता है। इसलिए छोटी वस्तु की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?
सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −
1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
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2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
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3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
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4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
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इस कविता का केन्द्रिय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं
‘एक फूल की चाह’ एक कथात्मक कविता है। इसकी कहानी को संक्षेप में लिखिए।
सुखिया को बाहर खेलते जाता देख उसके पिता की क्या दशा होती थी और क्यों?
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
‘गीत-अगीत’ कविता का कथ्य स्पष्ट कीजिए।
'आदमी नामा' शीर्षक कविता के इन अंशो को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
जिस पर विपदा पड़ती है वही इस देश में आता है।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
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ज्यों |
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कछु |
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नहिं |
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कोय |
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धनि |
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आखर |
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जिय |
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थोरे |
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होय |
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माखन |
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तरवारि |
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सींचिबो |
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मूलहिं |
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पिअत |
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पिआसो |
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बिगरी |
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आवे |
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सहाय |
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ऊबरै |
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बिनु |
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बिथा |
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अठिलैहैं |
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परिजाय |
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पठित दोहे के आधार पर बताइए कि आप तालाब के जल को श्रेष्ठ मानते हैं या सागर के जल को और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद की 'जाकी छोति जगत कउ लागै ता पर तुहीं ढरै' इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
रैदास ने अपने ‘लाल’ की किन-किन विशेषताओं का उत्लेख किया है?
कवि रैदास ने किन-किन संतों का उल्लेख अपने काव्य में किया है और क्यों?
