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नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों? - Hindi Course - B

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प्रश्न

नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

नज्मकार नज़ीर ने मसजिद का उल्लेख स्थान एवं आदमी की विविधता बताने के संदर्भ में किया है। मसजिद वह पवित्र स्थान है जहाँ व्यक्ति कुरान और नमाज़ पढ़ता है परंतु उसके दरवाजे पर चोरी भी की जाती है। इसके अलावा उसी मस्जिद को आदमी ने बनवाई, उसके अंदर इमाम कुरान और नमाज़ पढ़ाता है, जो अलग-अलग कोटि के आदमी है। वहीं जूतियाँ चुराने वाला अपना काम करने का प्रयास कर रहा है तो उनका रखवाला भी आदमी ही है। इस पवित्र स्थान पर भी मनुष्य अपने-अपने स्वभाव के अनुसार कार्य कर रहे हैं। उनकी प्रवृत्ति उनमें भिन्नता प्रकट कर रही है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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पाठ 9: नज़ीर अकबराबादी - आदमी नामा - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 9 नज़ीर अकबराबादी - आदमी नामा
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

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1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
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2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
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3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
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(ख) पगड़ी उतारना
(ग) मुरीद होना
(घ) जान वारना
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पहले पद में कुछ शब्द अर्थ की दृष्टि से परस्पर संबद्ध हैं। ऐसे शब्दों को छाँटकर लिखिए- .
उदाहरण : दीपक  बाती

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निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
मोरा, चंद, बाती, जोति, बरै, राती, छत्रु, धरै, छोति, तुहीं, गुसइआ


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