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नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :जाकी अँग-अँग बास समानी

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प्रश्न

नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी

टीपा लिहा
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उत्तर

कवि के अंग-अंग मे राम-नाम की सुगंध व्याप्त हो गई है। जैसे चंदन को पानी के साथ रगड़ने पर सुंगधित लेप बनती है, उसी प्रकार राम-नाम के लेप की सुंगधि उसके अंग-अंग में समा गई है कवि इसकी अनुभूति करता है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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