Advertisements
Advertisements
प्रश्न
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
Advertisements
उत्तर
भक्तगण मनुष्य होकर भी एक मनुष्य सुखिया के पिता को जाति के आधार पर पापी मान रहे थे, उसे अछूत मान रहे थे। इस तरह वे मनुष्य होने की गरिमा नष्ट कर रहे थे।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए −
तू न थमेगा कभी
तू न मुड़ेगा कभी
अग्नि पथ’ कविता थके-हारे निराश मन को उत्साह एवं प्रेरणा से भर देती है। स्पष्ट कीजिए।
एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रेमी जब गीत गाता है, तब प्रेमिका की क्या इच्छा होती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
मनुष्य को प्रकृति किस रूप में आंदोलित करती है? अपने शब्दों में लिखिए।
सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या? स्पष्ट कीजिए।
तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?
तोते और शुकी के गीत का अंतर पठित कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में कुछ शब्द अर्थ की दृष्टि से परस्पर संबद्ध हैं। ऐसे शब्दों को छाँटकर लिखिए- .
उदाहरण : दीपक बाती
| _________________ | _________________ |
| _________________ | _________________ |
| _________________ | _________________ |
| _________________ | _________________ |
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
कवि रैदास ने किन-किन संतों का उल्लेख अपने काव्य में किया है और क्यों?
