Advertisements
Advertisements
प्रश्न
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
Advertisements
उत्तर
भक्तगण मनुष्य होकर भी एक मनुष्य सुखिया के पिता को जाति के आधार पर पापी मान रहे थे, उसे अछूत मान रहे थे। इस तरह वे मनुष्य होने की गरिमा नष्ट कर रहे थे।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
“वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से क्या अभिप्राय है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए −
तू न थमेगा कभी
तू न मुड़ेगा कभी
अग्नि पथ’ कविता थके-हारे निराश मन को उत्साह एवं प्रेरणा से भर देती है। स्पष्ट कीजिए।
एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रेमी जब गीत गाता है, तब प्रेमिका की क्या इच्छा होती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंध की व्याख्या कीजिए।
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
गूँज रहा शुक का स्वर वन में
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
शुकी बैठ अंडे है सेती
जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को किस रूप में पाया?
इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकोंबिंबों को छाँटकर लिखिए:
उदाहरण : अंधकार की छाया
(i) _______________
(ii) _______________
(iii) _______________
(iv) _______________
(v) _______________
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
सुखिया के पिता के अनुसार, भक्तगण देवी की गरिमा को किस तरह चोट पहुँचा रहे थे?
नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।
|
राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
|
राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
|
ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
|
जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
|
ज्यों |
_______________ |
कछु |
_______________ |
|
नहिं |
_______________ |
कोय |
_______________ |
|
धनि |
_______________ |
आखर |
_______________ |
|
जिय |
_______________ |
थोरे |
_______________ |
|
होय |
_______________ |
माखन |
_______________ |
|
तरवारि |
_______________ |
सींचिबो |
_______________ |
|
मूलहिं |
_______________ |
पिअत |
_______________ |
|
पिआसो |
_______________ |
बिगरी |
_______________ |
|
आवे |
_______________ |
सहाय |
_______________ |
|
ऊबरै |
_______________ |
बिनु |
_______________ |
|
बिथा |
_______________ |
अठिलैहैं |
_______________ |
|
परिजाय |
_______________ |
|
‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?
पठित दोहे के आधार पर बताइए कि आप तालाब के जल को श्रेष्ठ मानते हैं या सागर के जल को और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।
रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
