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सुखिया के पिता के अनुसार, भक्तगण देवी की गरिमा को किस तरह चोट पहुँचा रहे थे?

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प्रश्न

“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?

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उत्तर

भक्तगण मनुष्य होकर भी एक मनुष्य सुखिया के पिता को जाति के आधार पर पापी मान रहे थे, उसे अछूत मान रहे थे। इस तरह वे मनुष्य होने की गरिमा नष्ट कर रहे थे।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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