Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?
Advertisements
उत्तर
कमल जल में ही खिलता है, रहता है। लेकिन सूर्य निकलने पर कमल खिलता है। यदि कमल जल के बिना है तो सूर्य भी उसे नहीं बचा सकता। सूर्य कमल को जीवित रखने की बाहरी शक्ति है जबकि जल उसकी आन्तरिक शक्ति है। उसी तरह भीतरी शक्ति होना अत्यन्त आवश्यक है। दूसरे भी तभी मद्द करते हैं जब आपकी भीतरी शक्ति होती है।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?
अग्नि पथ’ कविता थके-हारे निराश मन को उत्साह एवं प्रेरणा से भर देती है। स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रेमी जब गीत गाता है, तब प्रेमिका की क्या इच्छा होती है?
प्रकृति अपने विभिन्न क्रिया-कलापों से मनुष्य को प्रभावित करती है। ‘गीत-अगीत’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं
माता के भक्नों ने सुखिया के पिता के साथ कैसा व्यवहार किया?
‘गीत-अगीत’ कविता का कथ्य स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
मसज़िद का उल्लेख करके नज्मकार ने किस पर व्यंग्य किया है? इसका उद्देश्य क्या है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'मोती, मानुष, चून' के संदर्भ में पानी के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
जिस पर विपदा पड़ती है वही इस देश में आता है।
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
कोई लाख कोशिश करे पर बिगड़ी बात फिर बन नहीं सकती।
बिगरी बात क्यों नहीं बन पाती है? इसके लिए कवि ने क्या दृष्टांत दिया है?
‘रहिमन देखि बड़ेन को … दोहे में मनुष्य को क्या संदेश दिया गया है? इसके लिए उन्होंने किस उदाहरण का सहारा लिया है?
नट किस कला में पारंगत होता है? रहीम ने उसका उदाहरण किसलिए दिया है?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी जोति बरै दिन राती
रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
