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प्रश्न
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
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उत्तर
चकोर पक्षी अपने प्रिय चाँद को एकटक निहारता रहता है, उसी तरह कवि अपने प्रभु राम को भी एकटक निहारता रहता है। इसीलिए कवि ने अपने को चकोर कहा है।
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एक गुलाब तट पर सोचता है।
बैठा शुक उस घनी डाल पर
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राज (शासन) |
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ज़रा (थोड़ा) |
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