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प्रश्न
भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।
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उत्तर
छात्र स्वयं करें।
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'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
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अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
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रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
