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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय। - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।

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उत्तर

कवि प्रेम रूपी धागा न तोड़ने की बात कहता है कि एक बार यह टूट जाए तो सामान्य स्थिति नहीं आ पाती है। उसे जोड़ भी दिया जाए तो उसमें गाँठ पड़ जाती है क्योंकि इसके टूटने पर अविश्वास और संदेह का भाव आ जाता है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 8: रहीम - दोहे - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ८०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
अध्याय 8 रहीम - दोहे
प्रश्न अभ्यास | Q 2.1 | पृष्ठ ८०

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