Advertisements
Advertisements
प्रश्न
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए:
ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै
Advertisements
उत्तर
इस पंक्ति में भक्त भगवान को 'लाल' कहकर पुकारता है, जिसका अर्थ है – प्रियतम या करुणामय स्वामी। वह कहता है कि हे प्रभु! आपके सिवा ऐसा कौन है जो निःस्वार्थ भाव से सबका भला करे? आप ही दीनों के दुख हरते हैं, सब पर कृपा करते हैं। संसार में कोई ऐसा नहीं जो इतना प्रेम और करुणा करे।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कविता में कौन-कौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है?
कवि मनुष्य से क्या अपेक्षा करता है? ‘अग्नि पथ’ कविता के आधार पर लिखिए।
‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।‘अग्नि पथ’ कविता में निहित संदेश अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
सुखिया के पिता पर कौन-सा आरोप लगाकर उसे दंडित किया गया?
‘एक फूल की चाह’ एक कथात्मक कविता है। इसकी कहानी को संक्षेप में लिखिए।
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
पिता अपनी बच्ची को माता के प्रसाद का फूल क्यों न दे सका?
‘एक फूल की चाह’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
पहले छंद में कवि की दृष्टि आदमी के किन-किन रूपों का बख़ान करती है? क्रम से लिखिए।
आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी
नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।
|
राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
|
राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
|
ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
|
जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?
‘अवध नरेश’ कहकर किसकी ओर संकेत किया गया है? उन्हें चित्रकूट में शरण क्यों लेनी पड़ी?
रहीम ने अपने दोहों में छोटी वस्तुओं का महत्त्व प्रतिपादित किया है। इसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
