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‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - B

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प्रश्न

‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

मानव को जीवन पथ पर चलते हुए अनेक विघ्न-बाधाओं का सामना करना पड़ता है। मनुष्य की राह में अनेक अवरोध उसका रास्ता रोकते हैं जिनसे संघर्ष करते हुए, अदम्य साहस बनाए रखते हुए मनुष्य को अपनी मंजिल की ओर बढ़ना पड़ता है। संघर्ष भरे इसी जीवन को अग्नि पथ कहा गया है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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अध्याय 12: हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
अध्याय 12 हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

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निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
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एक गुलाब तट पर सोचता है।

बैठा शुक उस घनी डाल पर


निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

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राज़ (रहस्य)

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राज (शासन)

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फ़लक (आकाश)

जरा (बुढ़ापा)

फलक (लकड़ी का तख्ता)

ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।


‘आदमी नामा’ पाठ के आधार पर आदमी के उस रूप का वर्णन कीजिए जिसने आपको सर्वाधिक प्रभावित किया?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।


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उदाहण : कोय − कोई , जे - जो

ज्यों

_______________

कछु

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नहिं

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कोय

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धनि

_______________

आखर

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जिय

_______________

थोरे

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होय

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माखन

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तरवारि

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सींचिबो

_______________

मूलहिं

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पिअत

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पिआसो

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बिगरी

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आवे

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सहाय

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ऊबरै

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बिनु

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बिथा

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अठिलैहैं

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परिजाय

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चित्रकूट’ किस राज्य में स्थित है, जानकारी प्राप्त कीजिए।


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