Advertisements
Advertisements
प्रश्न
इस कविता का कौन-सा भाग आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों?
Advertisements
उत्तर
इस कविता में मनुष्य के विभिन्न रूप दिखाए गए हैं। यही भाग बहुत अच्छा है −
दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी
ज़रदार बेनवा है सो है वो भी आदमी
निअमत जो खा रहा है वो भी आदमी
टुकड़े चबा रहा है सो है वो भी आदमी
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कविता में कौन-कौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए −
चल रहा मनुष्य है
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ
कवि ‘एक पत्र छाँह’ भी माँगने से मना करता है, ऐसा क्यों?
कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
अपने पतझर के सपनों का
मैं भी जग को गीत सुनाता
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
बैठा शुक उस घनी डाल पर
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −
1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________
सुखिया के पिता पर कौन-सा आरोप लगाकर उसे दंडित किया गया?
‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।
पिता अपनी बच्ची को माता के प्रसाद का फूल क्यों न दे सका?
‘एक फूल की चाह’ कविता में देवी के भक्तों की दोहरी मानसिकता उजागर होती हैं। स्पष्ट कीजिए।
सुखिया के पिता को मंदिर में देखकर भक्तों ने क्या-क्या कहना शुरू कर दिया?
चारों छंदों में कवि ने आदमी के सकारात्मक और नकारात्मक रूपों को परस्पर किन-किन रूपों में रखा है? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत।
चित्रकूट’ किस राज्य में स्थित है, जानकारी प्राप्त कीजिए।
पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।
जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?
