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निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए: पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमीचिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमीऔर सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी

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प्रश्न

निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी

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उत्तर

इन काव्य पंक्तियों में निहित व्यंग्य यह है कि मनुष्य के विविध रूप हैं। एक व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों का अपमान कर बैठता है तो कोई किसी को मदद के लिए पुकारता है। उसकी पुकार सुनते ही कोई दयावान उसकी मद्द के लिए भागा चला आता है। अत: मनुष्य में अच्छाई, बुराई दोनों ही हैं। यह उस पर निर्भर करता है कि वह किधर चल पड़े।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 9: नज़ीर अकबराबादी - आदमी नामा - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ८६]

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 Class 9
अध्याय 9 नज़ीर अकबराबादी - आदमी नामा
प्रश्न अभ्यास | Q 3.2 | पृष्ठ ८६

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