Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
Advertisements
उत्तर
इन काव्य पंक्तियों में निहित व्यंग्य यह है कि मनुष्य के विविध रूप हैं। एक व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों का अपमान कर बैठता है तो कोई किसी को मदद के लिए पुकारता है। उसकी पुकार सुनते ही कोई दयावान उसकी मद्द के लिए भागा चला आता है। अत: मनुष्य में अच्छाई, बुराई दोनों ही हैं। यह उस पर निर्भर करता है कि वह किधर चल पड़े।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडंबना की ओर संकेत किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
कवि ने 'अग्नि पथ' किसके प्रतीक स्वरूप प्रयोग किया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंध की व्याख्या कीजिए।
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
बैठा शुक उस घनी डाल पर
प्रेमी और उसकी राधा के माध्यम से गीत-अगीत की स्थिति को स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
अविश्रांत बरसा करके भी
आँखे तनिक नहीं रीतीं
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
बुझी पड़ी थी चिता वहाँ पर
छाती धधक उठी मेरी
‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।
तत्कालीन समाज में व्याप्त स्पृश्य और अस्पृश्य भावना में आज आए परिवर्तनों पर एक चर्चा आयोजित कीजिए।
सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?
‘एक फूल की चाह’ कविता में देवी के भक्तों की दोहरी मानसिकता उजागर होती हैं। स्पष्ट कीजिए।
‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
‘आदमी नामा’ कविता व्यक्ति के स्वभाव के बारे में क्या अभिव्यक्त करती है?
मसज़िद का उल्लेख करके नज्मकार ने किस पर व्यंग्य किया है? इसका उद्देश्य क्या है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।
पठित दोहे के आधार पर बताइए कि आप तालाब के जल को श्रेष्ठ मानते हैं या सागर के जल को और क्यों?
‘रैदास’ ने अपने स्वामी को किन-किन नामों से पुकारा है?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै
भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।
