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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत।

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प्रश्न

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत।

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उत्तर

जिस तरह संगीत की मोहनी तान पर रीझकर हिरण अपने प्राण तक त्याग देता है। इसी प्रकार मनुष्य धन कला पर मुग्ध होकर धन अर्जित करने को अपना उद्देश्य बना लेता है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वो सब कुछ त्यागने को भी तैयार हो जाता है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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पिअत

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बिगरी

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आवे

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