हिंदी

पठित पद के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि रैदास की उनके प्रभु के साथ अटूट संबंध हैं।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

पठित पद के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि रैदास की उनके प्रभु के साथ अटूट संबंध हैं।

लघु उत्तरीय
Advertisements

उत्तर

पठित पद से ज्ञात होता है कि रैदास को अपने प्रभु के नाम की रट लग गई है जो अब छुट नहीं सकती है। इसके अलावा कवि ने अपने प्रभु को चंदन, बादल, चाँद, मोती और सोने के समान बताते हुए स्वयं को पानी, मोर, चकोर धाग और सुहागे के समान बताया है। इन रूपों में वह अपने प्रभु के साथ एकाकार हो गया है। इसके साथ कवि रैदास अपने प्रभु को स्वामी मानकर उनकी भक्ति करते हैं। इस तरह उनका अपने प्रभु के साथ अटूट संबंध है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु … - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 Class 9
अध्याय 7 रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु …
अतिरिक्त प्रश्न | Q 9

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
“वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से क्या अभिप्राय है?


‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।


कवि ‘एक पत्र छाँह’ भी माँगने से मना करता है, ऐसा क्यों?


कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?


‘अग्नि पथ’ कविता को आप अपने जीवन के लिए कितनी उपयोगी मानते हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'गीत-अगीत' के केंद्रीय भाव को लिखिए।


प्रेमी और उसकी राधा के माध्यम से गीत-अगीत की स्थिति को स्पष्ट कीजिए।


तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?


जेल से छूटने के बाद सुखिया के पिता ने अपनी बच्ची को किस रूप में पाया?


‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।


पिता अपनी बच्ची को माता के प्रसाद का फूल क्यों न दे सका?


सुखिया को बाहर खेलते जाता देख उसके पिता की क्या दशा होती थी और क्यों?


नज्मकार ने मसजिद का उल्लेख किस संदर्भ में किया है और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?


चित्रकूट’ किस राज्य में स्थित है, जानकारी प्राप्त कीजिए।


‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद की 'जाकी छोति जगत कउ लागै ता पर तुहीं ढरै' इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।


पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।


जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×