Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पठित पद के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि रैदास की उनके प्रभु के साथ अटूट संबंध हैं।
Advertisements
उत्तर
पठित पद से ज्ञात होता है कि रैदास को अपने प्रभु के नाम की रट लग गई है जो अब छुट नहीं सकती है। इसके अलावा कवि ने अपने प्रभु को चंदन, बादल, चाँद, मोती और सोने के समान बताते हुए स्वयं को पानी, मोर, चकोर धाग और सुहागे के समान बताया है। इन रूपों में वह अपने प्रभु के साथ एकाकार हो गया है। इसके साथ कवि रैदास अपने प्रभु को स्वामी मानकर उनकी भक्ति करते हैं। इस तरह उनका अपने प्रभु के साथ अटूट संबंध है।
संबंधित प्रश्न
‘अग्नि पथ’ कविता को आप अपने जीवन के लिए कितनी उपयोगी मानते हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'गीत-अगीत' के केंद्रीय भाव को लिखिए।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
हुई न क्यों में कडी गीत की
विधना यों मन में गुनती है
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
बैठा शुक उस घनी डाल पर
‘एक फूल की चाह’ एक कथात्मक कविता है। इसकी कहानी को संक्षेप में लिखिए।
‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।
सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?
सुखिया को बाहर खेलते जाता देख उसके पिता की क्या दशा होती थी और क्यों?
सुखिया के पिता को मंदिर में देखकर भक्तों ने क्या-क्या कहना शुरू कर दिया?
सुखिया के पिता के अनुसार, भक्तगण देवी की गरिमा को किस तरह चोट पहुँचा रहे थे?
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?
‘आदमी नामा’ कविता में आदमी की किन-किन अनुकरणीय एवं मानवीय प्रवृत्तियों का उल्लेख किया गया है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
पानी के बिना सब सूना है अत: पानी अवश्य रखना चाहिए।
बिगरी बात क्यों नहीं बन पाती है? इसके लिए कवि ने क्या दृष्टांत दिया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद की प्रत्येक पंक्ति के अंत में तुकांत शब्दों के प्रयोग से नाद-सौंदर्य आ गया है, जैसे- पानी, समानी आदि। इस पद में से अन्य तुकांत शब्द छाँटकर लिखिए।
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी
भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।
रैदास को किसके नाम की रट लगी है? वह उस आदत को क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं?
