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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'गीत-अगीत' के केंद्रीय भाव को लिखिए।
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उत्तर
गीत-अगीत कविता का केन्दिय भाव यह है कि गीत रचने की मनोदशा ज्य़ादा महत्व रखती है, उसको महसूस करना आवश्यक है। जैसे कवि को नदी के बहने में भी गीत का होना आवश्यक होता है। उसे शुक, शुकी के क्रिया कलापों में भी गीत नज़र आता है। कवि प्रकृति की हर वस्तु में गीत गाता महसूस करता है। उनका कहना है जो गाया जा सके वह गीत है और जो न गाया जा सके वह अगीत है।
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
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नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
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रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
