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प्रश्न
महामारी से सुखिया पर क्या प्रभाव पड़ा? इससे उसके पिता की दशा कैसी हो गई?
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उत्तर
महामारी की चपेट में आने से सुखिया को बुखार हो आया। उसका शरीर तेज़ बुखार से तपने लगा। तेज बुखार के कारण वह बहुत बेचैन हो रही थी। इस बेचैनी में उसका उछलना-कूदना न जाने कहाँ खो गया। वह भयभीत हो गई और देवी के प्रसाद का एक फूल पाने में अपना कल्याण समझने लगी। उसके बोलने की शक्ति कम होती जा रही थी। धीरे-धीरे उसके अंग शक्तिहीन हो गए। उसकी यह दशा देखकर सुखिया का पिता चिंतित हो उठा। उसे कोई उपाय नहीं सूझ रहा था। सुखिया के पास चिंतातुर बैठे हुए उसे यह भी पता नहीं चल सका कि कब सूर्य उगा, कब दोपहर बीतकर शाम हो गई।
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उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
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राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
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राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
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ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
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जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।
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निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
जिस पर विपदा पड़ती है वही इस देश में आता है।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
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ज्यों |
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कछु |
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नहिं |
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कोय |
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धनि |
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आखर |
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जिय |
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थोरे |
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होय |
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माखन |
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तरवारि |
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सींचिबो |
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मूलहिं |
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पिअत |
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पिआसो |
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बिगरी |
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आवे |
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सहाय |
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ऊबरै |
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बिनु |
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बिथा |
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अठिलैहैं |
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परिजाय |
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नीति संबंधी अन्य कवियों के दोहे/कविता एकत्र कीजिए और उन दोहों/कविताओं को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।
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