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‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?

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प्रश्न

‘मिले गाँठ परिजाय’-ऐसा रहीम ने किस संदर्भ में कहा है और क्यों?

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उत्तर

‘मिले गाँठ परिजाय’ ऐसा रहीम ने ‘प्रेम संबंधों के बारे में कहा है, क्योंकि प्रेम संबंधों की डोर बड़ी नाजुक होती है। एक बार टूट जाने पर जब इसे जोड़ा जाता है तो मन में मलिनता और पिछली बातों की कड़वाहट होने के कारण एक गाँठ-सी बनी रहती है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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अध्याय 8: रहीम - दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9
अध्याय 8 रहीम - दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

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