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‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर

‘आदमी नामा’ कविता का मूलकथ्य/प्रतिपाद्य है- आदमी को उसकी वास्तविकता का आइना दिखाना तथा विभिन्न प्रवृत्तियों और स्वभाव वाले व्यक्तियों के कार्य व्यवहार को अभिव्यक्त करना। आदमी ही है जो अच्छा या बुरा काम करता है और अपने कर्म के अनुसार पीर अथवा शैतान का दर्जा प्राप्त करता है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
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3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
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निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −

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