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प्रश्न
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
अपने पतझर के सपनों का
मैं भी जग को गीत सुनाता
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उत्तर
संदर्भ : प्रस्तुत पंद्याश 'रामधारी सिंह दिनकर' द्वारा रचित 'गीत-अगीत' से लिया गया है। इसमें कवि एक गुलाब के पौधे की व्यथा का वर्णन करता है
व्याख्या : इन पंक्तियों में कवि यह कहना चाहते हैं कि नदी के किनारे उगा गुलाब का पौधा उसके कल-कल बहने के स्वर को समझता है कि वह अपनी बात तटों से कह रही है। अगर उसे भी स्वर मिला होता तो वह भी पतझड़ की व्यथा को सुना पाता। उसके भाव गीत न होकर अगीत ही रह जाते हैं।
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
नदी का किनारों से कुछ कहते हुए बह जाने पर गुलाब क्या सोच रहा है? इससे संबंधित पंक्तियों को लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
जब शुक गाता है, तो शुकी के हृदय पर क्या प्रभाव पड़ता है?
तोते और शुकी के गीत का अंतर पठित कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −
1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
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2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
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3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
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4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
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बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
बुझी पड़ी थी चिता वहाँ पर
छाती धधक उठी मेरी
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
'आदमी नामा' शीर्षक कविता के इन अंशो को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?
इस कविता का कौन-सा भाग आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों?
आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
‘आदमी नामा’ कविता व्यक्ति के स्वभाव के बारे में क्या अभिव्यक्त करती है?
‘आदमी नामा’ कविता में आदमी की किन-किन अनुकरणीय एवं मानवीय प्रवृत्तियों का उल्लेख किया गया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'नट' किस कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है?
नीति संबंधी अन्य कवियों के दोहे/कविता एकत्र कीजिए और उन दोहों/कविताओं को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।
रहीम ने मूल को सींचने की सीख किस संदर्भ में दी है और क्यों?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी जोति बरै दिन राती
जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?
कवि ने गरीब निवाजु किसे कहा है और क्यों ?
