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प्रश्न
‘गीत-अगीत’ कविता का कथ्य स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
‘गीत-अगीत’ कविता का कथ्य है-प्राकृतिक सौंदर्य और मानवीय प्रेम के मुखरित और मौन रूपों को चित्रित करना। इस कविता में एक ओर नदी, तोते और प्रेमी के माध्यम से प्रेम का मुखर रूप गीत और उसका प्रभाव बताया गया है तो दूसरी ओर गुलाब, शुकी और प्रेमिका के माध्यम से मौन रूप, जो अगीत बनकर रह गया है। इसके अलावा प्राकृतिक सौंदर्य का सुंदर चित्रण है।
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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
गाता शुक जब किरण बसंत
छूती अंग पर्ण से छनकर
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
देते स्वर यदि मुझे विधाता
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नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
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