Advertisements
Advertisements
प्रश्न
आज की परिस्थितियों में रहीम के दोहे कितने प्रासंगिक हैं? किन्हीं दो उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
उदाहरण 1:
“रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून।
पानी गये न ऊबरे, मोती मानुष चून॥”
इस दोहे में ‘पानी’ का अर्थ है सम्मान, नम्रता और संवेदनशीलता। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में जब लोग एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे रहते हैं, यह दोहा सिखाता है कि रिश्तों में विनम्रता और सम्मान बनाए रखना कितना ज़रूरी है। यदि सम्मान चला गया, तो संबंधों में भी जीवन नहीं बचता।
उदाहरण 2:
“बड़े बड़ाई ना करे, बड़े न बोले बोल।
रहिमन हीरा कब कहे, लाख टका मेरा मोल॥”
यह दोहा आज के समाज में आत्मप्रशंसा और दिखावे की प्रवृत्ति को आइना दिखाता है। रहीम सिखाते हैं कि सच्चे और महान लोग कभी अपनी प्रशंसा खुद नहीं करते। आज के समय में जब सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन करता है, यह दोहा सादगी और आत्मनियंत्रण की प्रेरणा देता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?
इस कविता का मूलभाव क्या है? स्पष्ट कीजिए।
जीवन संघर्षमय है, इससे घबराकर थमना नहीं चाहिए’ इससे संबंधित अन्य कवियों की कविताओं को एकत्र कर एक एलबम बनाइए।
जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?
अग्नि पथ’ कविता थके-हारे निराश मन को उत्साह एवं प्रेरणा से भर देती है। स्पष्ट कीजिए।
एक पत्र छाँह भी माँग मत’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
नदी का किनारों से कुछ कहते हुए बह जाने पर गुलाब क्या सोच रहा है? इससे संबंधित पंक्तियों को लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'गीत-अगीत' के केंद्रीय भाव को लिखिए।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
हुई न क्यों में कडी गीत की
विधना यों मन में गुनती है
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर
महामारी अपना प्रचंड रूप किस प्रकार दिखा रही थी?
‘गीत-अगीत’ कविता का कथ्य स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।
बिगरी बात क्यों नहीं बन पाती है? इसके लिए कवि ने क्या दृष्टांत दिया है?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी
भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।
रैदास को किसके नाम की रट लगी है? वह उस आदत को क्यों नहीं छोड़ पा रहे हैं?
‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?
