Advertisements
Advertisements
Question
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
Advertisements
Solution
‘जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने यह कहना चाहा है कि जिस प्रकार रात भर चाँद को देखने के बाद भी चकोर के नेत्र अतृप्त रह जाते हैं, उसी प्रकार कवि रैदास के नैन भी निरंतर प्रभु को देखने के बाद भी प्यासे रह जाते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?
कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?
‘अग्नि पथ’ कविता को आप अपने जीवन के लिए कितनी उपयोगी मानते हैं?
जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?
तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?
तोते और शुकी के गीत का अंतर पठित कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
‘एक फूल की चाह’ कविता में देवी के भक्तों की दोहरी मानसिकता उजागर होती हैं। स्पष्ट कीजिए।
सुखिया के पिता को मंदिर में देखकर भक्तों ने क्या-क्या कहना शुरू कर दिया?
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
निम्नलिखित में अभिव्यक्त व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए:
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
आदमी किन स्थितियों में पीर बन जाता है?
मसज़िद का उल्लेख करके नज्मकार ने किस पर व्यंग्य किया है? इसका उद्देश्य क्या है?
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
जिस पर विपदा पड़ती है वही इस देश में आता है।
‘सुई की जगह तलवार काम नहीं आती’ तथा ‘बिन पानी सब सून’ इन विषयों पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
रहीम ने मूल को सींचने की सीख किस संदर्भ में दी है और क्यों?
व्यक्ति को अपने पास संपत्ति क्यों बचाए रखना चाहिए? ऐसा कवि ने किसके उदाहरण द्वारा कहा है?
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
मोरा, चंद, बाती, जोति, बरै, राती, छत्रु, धरै, छोति, तुहीं, गुसइआ
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
