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प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।
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उत्तर
'गीत अगीत' कविता के प्रथम छंद में प्रकृति का मनोहारी चित्रण है। सामने नदी बह रही है माने वह अपने कल-कल स्वर में वेदना प्रकट करती है। वह तटों को अपनी विरह व्यथा सुनाती है। उसके किनारे उगा गुलाब का पौधा हिलता रहता है मानो कह रहा हो विधाता ने मुझे भी स्वर दिया होता तो मैं भी अपनी व्यथा कह पाता। नदी गा-गाकर बह रही है और गुलाब चुपचाप खड़ा है।
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संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
हुई न क्यों में कडी गीत की
विधना यों मन में गुनती है
प्रेमी और उसकी राधा के माध्यम से गीत-अगीत की स्थिति को स्पष्ट कीजिए।
गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।
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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
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पठित दोहे के आधार पर बताइए कि आप तालाब के जल को श्रेष्ठ मानते हैं या सागर के जल को और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में भगवान और भक्त की जिन-जिन चीज़ों से तुलना की गई है, उनका उल्लेख कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
मोरा, चंद, बाती, जोति, बरै, राती, छत्रु, धरै, छोति, तुहीं, गुसइआ
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी
रैदास द्वारा रचित दूसरे पद ‘ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै’ को प्रतिपाद्य लिखिए।
