Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘आदमी नामा’ कविता व्यक्ति के स्वभाव के बारे में क्या अभिव्यक्त करती है?
Advertisements
उत्तर
‘आदमी नामा’ कविता किसी व्यक्ति के अच्छे स्वभाव का उल्लेख करती है, उसके कर्म और विशेषता को अभिव्यक्ति करती है तो दूसरों की जान लेने, बेइज्जती करने तथा जूतियाँ चुराने जैसे निकृष्ट कार्यों को भी अभिव्यक्त करती है। इस प्रकार यह कविता व्यक्ति के स्वभाव की विविधता का ज्ञान कराती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए −
चल रहा मनुष्य है
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ
कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंध की व्याख्या कीजिए।
प्रेमी और उसकी राधा के माध्यम से गीत-अगीत की स्थिति को स्पष्ट कीजिए।
प्रकृति अपने विभिन्न क्रिया-कलापों से मनुष्य को प्रभावित करती है। ‘गीत-अगीत’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
तत्कालीन समाज में व्याप्त स्पृश्य और अस्पृश्य भावना में आज आए परिवर्तनों पर एक चर्चा आयोजित कीजिए।
सुखिया ने अपने पिता से देवी के प्रसाद का फूल क्यों माँगा?
‘एक फूल की चाह’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
महामारी से सुखिया पर क्या प्रभाव पड़ा? इससे उसके पिता की दशा कैसी हो गई?
‘गीत-अगीत’ कविता का कथ्य स्पष्ट कीजिए।
‘आदमी नामा’ कविता का मूल कथ्य/प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'नट' किस कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'मोती, मानुष, चून' के संदर्भ में पानी के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
भक्त कवि कबीर, गुरु नानक, नामदेव और मीराबाई की रचनाओं का संकलन कीजिए।
पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।
‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?
