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निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमीऔर मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए
दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी

टीपा लिहा
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उत्तर

इस दुनिया में हर तरह का आदमी है। कुछ आदमी बादशाह जैसे ठाट-बाट से जीते हैं तो कुछ गरीबी में ही जीते हैं। दोनों ही स्थितियों में बहुत अन्तर है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 9: नज़ीर अकबराबादी - आदमी नामा - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ८५]

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एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 9 नज़ीर अकबराबादी - आदमी नामा
प्रश्न अभ्यास | Q 2.1 | पृष्ठ ८५

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'माँग मत', 'कर शपथ', इन शब्दों का बार-बार प्रयोग कर कवि क्या कहना चाहता है?


‘अग्नि पथ’ कविता को आप अपने जीवन के लिए कितनी उपयोगी मानते हैं?


कवि मनुष्य से क्या अपेक्षा करता है? ‘अग्नि पथ’ कविता के आधार पर लिखिए।


इस कविता का केन्द्रिय भाव अपने शब्दों में लिखिए।


सुखिया ने अपने पिता से देवी के प्रसाद का फूल क्यों माँगा?


सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?


‘एक फूल की चाह’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।


आपके विचार से मंदिर की पवित्रता और देवी की गरिमा को कौन ठेस पहुँचा रहा था और कैसे?


‘एक फूल की चाह’ कविता में देवी के भक्तों की दोहरी मानसिकता उजागर होती हैं। स्पष्ट कीजिए।


इस कविता का कौन-सा भाग आपको सबसे अच्छा लगा और क्यों?


निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए
अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर


नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।

राज़ (रहस्य)

फ़न (कौशल)

राज (शासन)

फन (साँप का मुहँ)

ज़रा (थोड़ा)

फ़लक (आकाश)

जरा (बुढ़ापा)

फलक (लकड़ी का तख्ता)

ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।


‘आदमी नामा’ कविता व्यक्ति के स्वभाव के बारे में क्या अभिव्यक्त करती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
'नट' किस कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत।


निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है
कोई लाख कोशिश करे पर बिगड़ी बात फिर बन नहीं सकती।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
पहले पद में भगवान और भक्त की जिन-जिन चीज़ों से तुलना की गई है, उनका उल्लेख कीजिए।


नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी


जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?


‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?


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