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Question
‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।‘अग्नि पथ’ कविता में निहित संदेश अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
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Solution
अग्नि पथ कविता में निहित संदेश यह है कि मनुष्य को जीवन पथ पर निरंतर बढ़ते रहना चाहिए। इस जीवन पथ पर जहाँ भी विघ्न-बाधाएँ आती हैं, मनुष्य को उनसे हार नहीं माननी चाहिए। उसे थककर हार नहीं माननी चाहिए और लक्ष्य पाए बिना न रुकने की शपथ लेनी चाहिए।
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उदाहरण : अंधकार की छाया
(i) _______________
(ii) _______________
(iii) _______________
(iv) _______________
(v) _______________
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हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
पापी ने मंदिर में घुसकर
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दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।
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