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‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।‘अग्नि पथ’ कविता में निहित संदेश अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

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Question

‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।‘अग्नि पथ’ कविता में निहित संदेश अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

अग्नि पथ कविता में निहित संदेश यह है कि मनुष्य को जीवन पथ पर निरंतर बढ़ते रहना चाहिए। इस जीवन पथ पर जहाँ भी विघ्न-बाधाएँ आती हैं, मनुष्य को उनसे हार नहीं माननी चाहिए। उसे थककर हार नहीं माननी चाहिए और लक्ष्य पाए बिना न रुकने की शपथ लेनी चाहिए।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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Chapter 12: हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9
Chapter 12 हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
“वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से क्या अभिप्राय है?


‘अग्नि पथ’ का प्रतीकार्थ स्पष्ट कीजिए।


अग्नि पथ’ कविता थके-हारे निराश मन को उत्साह एवं प्रेरणा से भर देती है। स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

शुकी बैठ अंडे है सेती


बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?


सुखिया के पिता पर कौन-सा आरोप लगाकर उसे दंडित किया गया?


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निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
मोरा, चंद, बाती, जोति, बरै, राती, छत्रु, धरै, छोति, तुहीं, गुसइआ


रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।


कवि रैदास ने किन-किन संतों का उल्लेख अपने काव्य में किया है और क्यों?


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