English

“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

“फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी।” कथन का आशय ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

फ़ादर कामिल बुल्के का सान्निध्य लेखक के लिए सुखद अनुभूति थी नामक कथन से अभिप्राय यह है कि लेखक ने पैतीस सालों तक उनके स्नेह को महसूस किया था, उनका व्यवहार सभी के प्रति करुणा के निर्मल जल में स्नान करने जैसा था। वे सबके पारिवारिक उत्सवों और संस्कारों में पुरोहितों की भाँति उपस्थित रहते थे। लेखक के पुत्र के मुख में पहली बार अन्न उन्हीं ने डाला था। उनका वात्सल्य देवदारु जैसा था। फ़ादर बुल्के हर दुःख में साथ खड़े होते थे। उनके मुख से निकले सांत्वना के शब्द मन में गहरी शांति प्रदान करते थे। लेखक को अपनी पत्नी और मृत्यु के समय उनका आपनत्व आज भी याद हैं। उनके जाने के बाद भी लेखक आज उनके प्रेम की सुखद अनुभूति को महसूस करता है।

shaalaa.com
मानवीय करुणा की दिव्य चमक
  Is there an error in this question or solution?
2021-2022 (March) Delhi Set 3

RELATED QUESTIONS

फ़ादर की उपस्थिति देवदार की छाया जैसी क्यों लगती थी?


इस पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के की जो छवि उभरती है उसे अपने शब्दों में लिखिए।


फ़ादर बुल्के ने संन्यासी की परंपरागत छवि से अलग एक नयी छवि प्रस्तुत की है, कैसे?


आशय स्पष्ट कीजिए -

नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।


आपके विचार से बुल्के ने भारत आने का मन क्यों बनाया होगा?


'बहुत सुंदर है मेरी जन्मभूमि - रेम्सचैपल।'- इस पंक्ति में फ़ादर बुल्के की अपनी जन्मभूमि के प्रति कौन-सी भावनाएँ अभिव्यक्त होती हैं? आप अपनी जन्मभूमि के बारे में क्या सोचते हैं?


भारत आने के लिए पूछने पर फ़ादर क्या जवाब देते थे?


फ़ादर बुल्के ने हिंदी के उत्थान के लिए क्या-क्या प्रयास किए?


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


फ़ादर की उपस्थिति लेखक को देवदार की छाया के समान क्यों लगती थी? पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर लिखिए कि फ़ादर कामिल बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक-संतप्त क्यों हुए?


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ से क्या संदेश मिलता है? अपने शब्दों में समझाइए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के के व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए, जिनसे आप प्रभावित हैं। इस प्रभाव के उपयुक्त कारण भी स्पष्ट कीजिए।


‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के लेखक और फ़ादर बुल्के के संबंध, आपकी दृष्टि में कैसे थे? इससे फ़ादर के स्वभाव के विषय में क्या कहा जा सकता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×