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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर लिखिए कि फ़ादर कामिल बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक-संतप्त क्यों हुए? - Hindi Course - A

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Question

‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर लिखिए कि फ़ादर कामिल बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक-संतप्त क्यों हुए?

Short/Brief Note
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Solution

फ़ादर बुल्के की मृत्यु से बहुत बड़ी संख्या में लोग शोक संतप्त थे, क्योंकि फ़ादर के साथ उनका आत्मीयता का संबंध था। उनका जीवन करुणा, वात्सल्य और अपनत्व से भरा था। उनकी मृत्यु ज़हरबाद से हुई थी। फ़ादर बुल्के की मृत्यु पर रोने वाले बहुत थे, इन नम आँखों को गिनना स्याही फैलाने जैसा था। ऐसे मधुर स्वभाव वाले त्यागी व्यक्तित्व, जिनका पूरा जीवन दूसरों को प्यार, अपनत्व और ममता का अमृत बाँटने वाला था, ऐसे कष्टप्रद रोग से उनकी मृत्यु होने के कारण लेखक अत्यंत आहत था।

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मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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2021-2022 (March) Delhi Set 1

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आशय स्पष्ट कीजिए -

नम आँखों को गिनना स्याही फैलाना है।


आशय स्पष्ट कीजिए -

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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


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