English

नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।

Advertisements
Advertisements

Question

नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

लेखक द्वारा खीरा खाने के इंकार करने के बाद नवाब साहब ने भी खीरों को खाए बिना केवल सुँघकर खिड़की  से बाहर फैंक दिया। खीरा न खाने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा, 'खीरा लज़ीज़ होता है लेकिन होता है सकील, नामुराद मेदे (अमाशय) पर बोझ डाल देता है। हमें उनके द्वारा बताया गया यह कारण उचित प्रतीत नहीं होता क्योंकि  उन्होंने पहले स्वयं ही वे खीरे खरीदे थे। किन्तु लेखक द्वारा उसे खाने से इंकार करने और अपनी नवाबी शान का  झूठा दिखावा करने के लिए उन्होंने खीरे बिना खाए केवल सुँघकर फेंक दिए।

shaalaa.com
लखनवी अंदाज़
  Is there an error in this question or solution?
2021-2022 (March) Delhi Set 1

RELATED QUESTIONS

नवाब साहब ने बहुत ही यत्न से खीरा काटा, नमक-मिर्च बुरका, अंतत: सूँघकर ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया होगा? उनका ऐसा करना उनके कैसे स्वभाव को इंगित करता है?


आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?


नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी करने का एक चित्र प्रस्तुत किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।


किन-किन चीज़ों का रसास्वादन करने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?


खीरे के संबंध में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी सनक कहा जा सकता है। आपने नवाबों की और भी सनकों और शौक के बारे में पढ़ा-सुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।


‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक यशपाल ने यात्रा करने के लिए सेकंड क्लास का टिकट क्यों खरीदा?


खीरे को खाने योग्य बनाने के लिए नवाब साहब ने क्या-क्या किया और उन्हें किस तरह सजाकर रखा? पठित पाठ के आधार पर लिखिए।


लेखक और नवाब साहब की प्रथम मुलाकात का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


सेकंड क्लास के डिब्बे की उन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए जिनके कारण लेखक और नवाब साहब दोनों ने उसे यात्रा के लिए चुना।


लेखक ने ऐसा क्या देखा कि उसके ज्ञान चक्षु खुल गए?


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।


क्या सनक सकारात्मक भी हो सकती है? सकारात्मक सनक की जीवन में क्या भूमिका हो सकती है? सटीक उदाहरणों द्वारा अपने विचार प्रकट कीजिए।


‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।


नवाब साहब की सनक नकारात्मक थी, किंतु हर सनक नकारात्मक नहीं होती। सोदाहरण सिद्ध कीजिए कि किस सनक को सकारात्मक कहा जा सकता है?


‘लखनवी अंदाज’ पाठ में लेखक ने नवाब साहब की किस प्रकार की सनक का परिचय दिया है? ऐसी सनक के क्या-क्या परिणाम हो सकते हैं? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।


'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×