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Question
नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।
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Solution
लेखक द्वारा खीरा खाने के इंकार करने के बाद नवाब साहब ने भी खीरों को खाए बिना केवल सुँघकर खिड़की से बाहर फैंक दिया। खीरा न खाने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा, 'खीरा लज़ीज़ होता है लेकिन होता है सकील, नामुराद मेदे (अमाशय) पर बोझ डाल देता है। हमें उनके द्वारा बताया गया यह कारण उचित प्रतीत नहीं होता क्योंकि उन्होंने पहले स्वयं ही वे खीरे खरीदे थे। किन्तु लेखक द्वारा उसे खाने से इंकार करने और अपनी नवाबी शान का झूठा दिखावा करने के लिए उन्होंने खीरे बिना खाए केवल सुँघकर फेंक दिए।
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गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
नवाब साहब की झुठी शानों-शौकत और घमण्ड भरे व्यवहार को देखकर लेखक ने उनके साथ किस प्रकार का व्यवहार किया? 'लखनवी-अंदाज़' पाठ के आधार पर इसे साबित कीजिए।
